पीएम किसान सम्मान निधि योजना 2026: 24वीं किस्त, स्टेटस चेक और पूरी जानकारी

 

पीएम किसान सम्मान निधि योजना 2026: 24वीं किस्त, स्टेटस चेक और पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2026: पूरी जानकारी, नई अपडेट और स्टेटस चेक करने का तरीका

गांव में किसी की चौपाल पर बैठ जाओ, बात घूमकर पीएम किसान पर आ ही जाती है। "किस्त आई क्या", "e-KYC करा ली", "फार्मर आईडी बनवाई या नहीं" ये सवाल अब हर दूसरे किसान की जुबान पर हैं। योजना शुरू हुए सात साल हो गए, फिर भी हर चार महीने में वही उलझन लौट आती है कि पैसा कब आएगा और अटका तो क्यों अटका।


इस लेख में मैं वो सब कुछ लिख रहा हूं जो एक किसान परिवार को अभी जानना चाहिए, बिना घुमाए फिराए, सीधी भाषा में।

शुरुआत कहां से हुई

बात 2018 की है। तेलंगाना सरकार ने रायथु बंधु योजना शुरू की थी, जिसमें किसानों को सीधे उनके खाते में पैसा दिया जाता था, बिना किसी बिचौलिए के। यह तरीका इतना कारगर साबित हुआ कि केंद्र सरकार ने इसे पूरे देश में लागू करने का फैसला किया। तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट में इसकी घोषणा की, लेकिन असल में योजना 1 दिसंबर 2018 से ही लागू मानी गई। यानी जिन किसानों की जमीन उस तारीख से पहले उनके नाम दर्ज थी, वो शुरू से पात्र माने गए।


विश्व बैंक ने भी इस तरीके की तारीफ की थी, और कई अर्थशास्त्रियों ने इसे कर्ज माफी से बेहतर विकल्प बताया, क्योंकि इसमें पैसा सीधे किसान तक पहुंचता है, बीच में कोई नहीं खाता।

अब तक कितना पैसा बंट चुका है

योजना शुरू होने से अब तक ₹4.27 लाख करोड़ से ज्यादा की रकम किसानों के खातों में जा चुकी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सीधी नकद सहायता पहलों में गिनी जाती है। केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹60,000 करोड़ का बजट रखा गया है, ताकि अगले साल भी किस्तें बिना रुकावट जारी रह सकें।


22वीं किस्त में जो 9.32 करोड़ किसान लाभान्वित हुए, उनमें 2.15 करोड़ महिला किसान भी शामिल थीं। यानी यह योजना सिर्फ खेत मालिक पुरुषों तक सीमित नहीं, बल्कि महिला किसानों तक भी पहुंच रही है।

कितना पैसा मिलता है और कैसे मिलता है

हर पात्र किसान परिवार को साल में ₹6,000 मिलते हैं। यह रकम एक साथ नहीं आती, तीन बराबर किस्तों में आती है, हर बार ₹2,000। पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजा जाता है। कोई चेक नहीं, कोई कैश काउंटर नहीं, बस एसएमएस आता है और पैसा खाते में दिख जाता है।


तीन किस्तों का समय-चक्र कुछ इस तरह बंटा है:


किस्त

अवधि

पहली

अप्रैल से जुलाई

दूसरी

अगस्त से नवंबर

तीसरी

दिसंबर से मार्च


हर किस्त के बीच करीब चार महीने का गैप रहता है, लेकिन तारीख हमेशा सरकार की घोषणा के बाद ही तय मानी जाती है।

किसे मिलता है फायदा, किसे नहीं

पात्रता की शर्त सीधी है, जिस परिवार के नाम खेती लायक जमीन है, वो पात्र है। परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे गिने जाते हैं। शहर में रहने वाला किसान भी पात्र है, बशर्ते उसकी जमीन खेती के लिए दर्ज हो।


एक शर्त बहुत कम लोगों को पता है: अगर जमीन 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई है, तो वो पात्रता के दायरे में नहीं आती। सिर्फ विरासत या उत्तराधिकार से मिली जमीन पर यह शर्त लागू नहीं होती। यानी अगर किसी ने 2020 या 2021 में जमीन खरीदी है, वो इस स्कीम में शामिल नहीं हो पाएगा, भले ही वो असल में खेती कर रहा हो।


अब बात करते हैं किसे बाहर रखा गया है:

  1. संस्थागत जमीन के मालिक (जैसे ट्रस्ट, कंपनी के नाम जमीन)
  2. मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री, मेयर जैसे संवैधानिक पद पर रहे लोग
  3. केंद्र या राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी (ग्रुप D और मल्टी टास्किंग स्टाफ को छूट है)
  4. ₹10,000 से ज्यादा मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ड कर्मचारी
  5. आयकर रिटर्न भरने वाले लोग
  6. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर, जो अपना काम-धंधा चलाते हैं और अपनी संस्था में रजिस्टर्ड हैं


अगर कोई अपात्र व्यक्ति गलती से या जानबूझकर फॉर्म भर देता है और पैसा ले लेता है, तो बाद में वो रकम वापस वसूली जा सकती है।

Farmer ID अब क्यों जरूरी हो गया है

2026 में सबसे बड़ा बदलाव यही आया है। सरकार ने AgriStack और Digital Agriculture Mission के तहत हर किसान का एक यूनीक Farmer ID बनाना शुरू किया है। फिलहाल यह 14 राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य है, जहां फार्मर रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है:


आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश।


अगर आप इन राज्यों में रहते हैं और नया रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, तो Farmer ID के बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा। जिन राज्यों में अभी फार्मर रजिस्ट्री शुरू नहीं हुई, वहां पुराने तरीके से रजिस्ट्रेशन चल रहा है। मगर e-KYC हर राज्य के हर लाभार्थी के लिए अनिवार्य है, चाहे Farmer ID बना हो या नहीं।

तीन शर्तें जिनके बिना किस्त रुक जाती है

1. e-KYC: आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP, बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पूरा होता है। नए रजिस्ट्रेशन के बाद 30 दिन के भीतर करना जरूरी है।

2. आधार-बैंक लिंकिंग: बैंक खाता आधार नंबर से सीड होना चाहिए, वरना पैसा किसी और खाते में चला जाने या अटकने का खतरा रहता है।

3. भू-सत्यापन: राज्य सरकार के रेवेन्यू रिकॉर्ड से जमीन का मिलान होना चाहिए।


तीनों में से एक भी अधूरा रहा तो पोर्टल पर स्टेटस "eKYC Pending", "Aadhaar Bank Seeding Not Done" या "Land Verification Pending" दिखेगा, और अगली किस्त रुक जाएगी।

22वीं और 23वीं किस्त की पूरी जानकारी

22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से खुद प्रधानमंत्री ने जारी की थी। इसमें ₹18,640 करोड़ की रकम 9.32 करोड़ किसानों तक पहुंची।


इसके बाद 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई। इस बार ₹18,880 करोड़ की रकम 9.44 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के खाते में गई। जिन किसानों की e-KYC और आधार-बैंक सीडिंग पहले से पूरी थी, उनके खाते में पैसा उसी दिन या अगले एक-दो दिन में दिख गया।

24वीं किस्त कब आएगी

सरकार ने अभी तक 24वीं किस्त की तारीख का ऐलान नहीं किया है। लेकिन पैटर्न देखें तो हर किस्त के बीच करीब चार महीने का अंतर रहता है। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को आई थी, तो इस हिसाब से चार महीने का चक्र अक्टूबर 2026 में पूरा होगा। इसी वजह से माना जा रहा है कि 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 में जारी हो सकती है, त्योहारी सीजन के आसपास।


हालांकि पिछले दो साल का रिकॉर्ड देखें तो इसी अवधि की किस्त कभी-कभी देरी से भी आई है, इसलिए अंतिम तारीख का भरोसा सिर्फ सरकार की आधिकारिक घोषणा पर ही करें, अनुमान पर पूरी तरह टिके न रहें।

स्टेटस कैसे चेक करें

रजिस्ट्रेशन नंबर याद है तो यह सबसे तेज तरीका है:

  1. pmkisan.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर 'Farmers Corner' वाले हिस्से में 'Know Your Status' पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालें।
  4. 'Get Data' पर क्लिक करते ही किस्त की पूरी हिस्ट्री और मौजूदा स्टेटस सामने आ जाएगा।

मोबाइल नंबर से स्टेटस कैसे चेक करें

रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए हैं? मोबाइल नंबर से भी काम चल जाएगा, बस थोड़ा लंबा रास्ता है:

  1. 'Know Your Status' पेज पर 'Know Your Registration Number' पर क्लिक करें।
  2. 'Search By' में 'Mobile Number' चुनें और अपना रजिस्टर्ड नंबर डालें।
  3. कैप्चा भरकर 'Get Mobile OTP' पर क्लिक करें।
  4. मोबाइल पर आया OTP डालते ही रजिस्ट्रेशन नंबर स्क्रीन पर दिख जाएगा, इसे कहीं नोट कर लें।
  5. वापस 'Know Your Status' पेज पर जाकर यही रजिस्ट्रेशन नंबर और नया कैप्चा डालें, पूरा स्टेटस खुल जाएगा।


एक बात ध्यान रखें, यह तरीका तभी काम करेगा जब मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हो। नंबर बदल गया है तो पहले नजदीकी CSC सेंटर या बैंक शाखा जाकर उसे नया कराना जरूरी है, वरना OTP कभी नहीं आएगा।

गांव के हिसाब से लाभार्थी लिस्ट कैसे देखें

  1. pmkisan.gov.in पर 'Farmers Corner' में जाएं।
  2. 'Beneficiary List' पर क्लिक करें।
  3. राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव चुनें।
  4. 'Get Report' पर क्लिक करते ही उस गांव के सभी पात्र किसानों के नाम दिख जाएंगे।


अगर लिस्ट में नाम नहीं दिख रहा, तो घबराने की बात नहीं। ज्यादातर मामलों में रिकॉर्ड दर्ज करते वक्त हुई छोटी गलती होती है, हमेशा के लिए नाम कटना नहीं। संबंधित पटवारी या कृषि अधिकारी के पास जाकर सुधार करा सकते हैं, अगले सुधार चक्र में नाम जुड़ जाएगा।

नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें

वेबसाइट से:

  1. pmkisan.gov.in पर 'New Farmer Registration' पर क्लिक करें।
  2. Rural Farmer Registration या Urban Farmer Registration में से सही विकल्प चुनें।
  3. आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य डालें, OTP से पुष्टि करें।
  4. नाम, बैंक डिटेल, IFSC कोड, पता और जमीन का ब्यौरा (खसरा-खतौनी) भरें।
  5. फॉर्म सबमिट करें और रजिस्ट्रेशन नंबर संभाल कर रखें।


PMKISAN मोबाइल ऐप से: ऐप खोलें, भाषा चुनें, 'New Farmer Registration' पर टैप करें और वही जानकारी भरें जो वेबसाइट पर मांगी जाती है।


ऑफलाइन तरीका: जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं है, वो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या ग्राम राजस्व अधिकारी के पास जाकर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।


रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी) और मोबाइल नंबर तैयार रखें। रजिस्ट्रेशन के बाद जांच-पड़ताल में आमतौर पर 45 से 90 दिन लग जाते हैं, इसलिए जल्दबाजी में बार-बार स्टेटस चेक करने के बजाय थोड़ा धैर्य रखना बेहतर है।

किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ाव

पीएम किसान के लाभार्थी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। इससे कम ब्याज दर पर खेती के लिए तुरंत कर्ज मिल जाता है, वो भी बिना ज्यादा कागजी कार्रवाई के। दोनों योजनाओं को जोड़ने का मकसद यही है कि किसान को साहूकारों के ऊंचे ब्याज से बचाया जा सके।

पैसा न आए तो क्या करें

सबसे पहले पोर्टल पर स्टेटस चेक करें, वहां साफ लिखा मिलेगा कि दिक्कत कहां है। सबसे आम वजहें ये होती हैं:

  1. e-KYC पेंडिंग
  2. आधार और बैंक खाता आपस में लिंक नहीं
  3. जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन बाकी
  4. आधार में नाम और बैंक खाते के नाम में फर्क


इनमें से जो भी वजह हो, नजदीकी CSC सेंटर या बैंक शाखा जाकर उसे ठीक कराया जा सकता है। इसके बाद भी समस्या हल न हो, तो हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800-115-526 पर सीधे संपर्क करें। शिकायत यहां भी दर्ज कर सकते हैं : PM Kisan Grievance पोर्टल पर शिकायत वाले हिस्से में भी शिकायत दर्ज करने का विकल्प है, जहां शिकायत नंबर मिलता है और उसी से स्टेटस देखा जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीएम किसान की 24वीं किस्त कब आएगी? 

आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं है, लेकिन पैटर्न के हिसाब से अक्टूबर 2026 में आने की उम्मीद है।


मोबाइल नंबर से स्टेटस कैसे चेक करें?

 'Know Your Registration Number' में मोबाइल नंबर डालकर OTP से पुष्टि करें, रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा, फिर उसी से स्टेटस देख सकते हैं।


Farmer ID जरूरी है या नहीं? 

14 राज्यों में नए रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य है। बाकी राज्यों में पुराने तरीके से रजिस्ट्रेशन चल रहा है, लेकिन e-KYC सबके लिए जरूरी है।


लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें? 

गांव की लिस्ट पोर्टल पर चेक करें, नाम गायब होने पर पटवारी या कृषि अधिकारी से डेटा सुधरवाएं।

आखिरी बात

पीएम किसान योजना अब सिर्फ एक स्कीम नहीं, बल्कि करोड़ों किसान परिवारों की रोजमर्रा की योजना का हिस्सा बन चुकी है। ₹6,000 सालाना भले ही बड़ी रकम न लगे, लेकिन बीज, खाद और सिंचाई जैसे खर्चों में यह वक्त पर मिलने वाली मदद बड़ा फर्क डालती है। असल काम बस इतना है, e-KYC, आधार लिंकिंग, भू-सत्यापन और अगर जरूरत हो तो Farmer ID, ये चार काम समय रहते पूरे कर लें। बाकी पैसा अपने आप खाते में पहुंच जाएगा।

Post a Comment

और नया पुराने
Join WhatsApp